यूपी पुलिस के अनुसार, कानपुर में पकड़े गए बीटेक/एलएलबी आदि की फर्ज़ी डिग्रियां बेचने वाले गिरोह के सरगना शैलेंद्र ने इससे करोड़ों की संपत्ति बनाई। उसने ₹40 लाख से शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन बनाया। उसके पास अलग-अलग जगह ₹50 लाख का अपार्टमेंट, ₹30 लाख का फ्लैट, ₹75 लाख का प्लॉट, ₹50-50 लाख की ज़मीनें और ₹20 लाख की कार है।