सरकार ने संसद में बताया है कि अगर पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग नहीं की जाती तो मिडल-ईस्ट संकट के दौरान इसकी कीमत ₹125/लीटर तक पहुंच सकती थी। सरकार के मुताबिक, एथेनॉल ब्लेंडिंग, कच्चे तेल की उपलब्धता और तेल कंपनियों की खरीद रणनीति की वजह से उपभोक्ताओं को पेट्रोल करीब ₹94.77/लीटर की दर से मिला और महंगे ईंधन से राहत मिली।