जातिसूचक गाली नहीं, तो नहीं लगेगा SC/ST ऐक्ट: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि SC/ST ऐक्ट लगाने के लिए सिर्फ शिकायतकर्ता का अनुसूचित वर्ग का होना पर्याप्त नहीं है। FIR में जातिसूचक गाली या अपमानजनक भाषा का स्पष्ट आरोप होना ज़रूरी है। न्यायमूर्ति संतोष राय ने आरोपी को SC/ST ऐक्ट के आरोप से मुक्त करते हुए कहा कि मामले में मारपीट का केस जारी रहेगा।
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