अगर आप लेंडर्स के रिकवरी कॉल्स को नज़रअंदाज़ करते हैं तो क्या होता है?
लोन की EMI मिस होने पर लेंडर के रिकवरी कॉल्स को इग्नोर करने से समस्या बढ़ सकती है। बैंक पहले रिमाइंडर कॉल करते हैं लेकिन जवाब न मिलने पर मेसेज, ई-मेल और नोटिस भेजे जाते हैं। देरी होने पर लेट फीस लग सकती है और क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। खाते को डिफॉल्टर भी घोषित किया जा सकता है।
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