इंस्टेंट मैसेजिंग के दौर में Gen-Z के बीच 'स्नेल मेल क्लब' का चलन बढ़ा है। इसमें एक-दूसरे को डाक के ज़रिए हस्तलिखित पत्र/पोस्टकार्ड या छोटे-छोटे उपहार भेजते हैं। 'स्नेल मेल' नाम इसलिए पड़ा क्योंकि पारंपरिक डाक, इंटरनेट-इंस्टेंट मैसेजिंग की तुलना में स्नेल की तरह धीमी गति से पहुंचती है। डाक से मिला पत्र अधिक आत्मीय और खास महसूस करवाता है।