एक से ज़्यादा बैंक अकाउंट रखने से लोगों को ज़्यादा पैसे बचाने में कैसे मिल सकती है मदद?
वेतनभोगी और अपना काम करने वाले लोग अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग बैंक अकाउंट रखकर खर्चों को बेहतर ढंग से मैनेज कर सकते हैं। एक अकाउंट का इस्तेमाल सैलरी और रेगुलर खर्चों के लिए जबकि दूसरे अकाउंट का इस्तेमाल रोज़मर्रा के खर्चों/UPI ट्रांज़ैक्शन के लिए किया जा सकता है जिसमें खर्चों पर कंट्रोल रखने के लिए सीमित बैलेंस रखा जाए।
read more at Moneycontrol


