क्यों दुकानों और व्यवसायों को होने वाले UPI लेनदेन पर लगाया गया है 0.4% चार्ज?
NPCI के अनुसार, UPI के संचालन की वार्षिक लागत करीब ₹20,000 करोड़ है जिसमें बुनियादी ढांचा, धोखाधड़ी की रोकथाम और बैंकों को सहायता देना शामिल है। NPCI ने कहा कि केवल सरकारी प्रोत्साहन पर निर्भरता से बैंकों-वित्तीय तकनीक कंपनियों का दीर्घकालिक निवेश व नवाचार प्रभावित हो सकता है जबकि ₹2,000+ के पर्सन-टू-मर्चेंट भुगतान पर 0.4% शुल्क से व्यवस्था टिकाऊ बनेगी।
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