क्या है नागवासुकी मंदिर की विशेषता जिसके दर्शन बिना अधूरा माना जाता है महाकुंभ स्नान?
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में संगम के पास ही नागवासुकी मंदिर स्थित है जिसे 'नागों का मंदिर' भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के बाद 'नागराज वासुकी' ने यहीं पर विश्राम किया था। यह भी मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद ही महाकुंभ स्नान संपूर्ण होता है।
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