क्या है सस्ती जेनरिक दवाइयों और महंगी ब्रैंडेड दवाइयों में अंतर?
बीमारियों पर किए गए शोध के आधार पर तैयार वैसे सॉल्ट या कंपोज़िशन जिनपर किसी कंपनी का पेटेंट (एकाधिकार) नहीं होता है, उनसे तैयार दवाइयों को जेनरिक दवाइयां कहते हैं। जेनरिक दवाइयों पर रिसर्च, डेवलपमेंट, मार्केटिंग और ब्रैंडिंग खर्च नहीं आने के चलते ये सस्ती होती हैं। जेनरिक और ब्रैंडेड दवाइयों की कीमत में 90% तक अंतर हो सकता है।
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