कालका-शिमला रेलमार्ग को पूरा करने में चरवाहे 'बाबा भलकू' ने की थी अंग्रेज़ों की मदद
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल कालका-शिमला रेलमार्ग का निर्माण ब्रिटिश शासन काल में हुआ था। बकौल रिपोर्ट्स, निर्माण के दौरान एक टनल के दोनों छोर नहीं मिलने पर एक ब्रिटिश अधिकारी ने खुदकुशी कर ली थी जिसके बाद चरवाहे बाबा भलकू ने रेलमार्ग पूरा करने में मदद की थी। इसे लेकर ब्रिटिश सरकार ने बाबा भलकू को सम्मानित किया था।
read more at The Better India


