कैसे हो जाती है 'हांथीपांव' की बीमारी और क्यों 5-15 साल बाद नज़र आते हैं इसके लक्षण?
सरकार के मुताबिक, लिम्फैटिक फाइलेरियासिस/एलिफेंटियासिस या हाथीपांव एक अक्षम करने वाली बीमारी है जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर माइक्रोफाइलेरिया नामक बीमारी फैलाने वाले परजीवी को मानव शरीर में फैलाता है। इस परजीवी को शरीर में विकसित होने में कई साल लग जाते हैं और मच्छर के काटने के 5-15 साल बाद लक्षण दिख सकते हैं।
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