क्या है आईपीएल ऑक्शन में साइलेंट टाई-ब्रेकर बोली?
आईपीएल ऑक्शन में अगर कोई फ्रैंचाइज़ी किसी खिलाड़ी के लिए अंतिम बोली लगाती है और उसका पर्स खत्म हो जाता है तब साइलेंट टाई-ब्रेकर नियम लाया जाता है। दूसरी फ्रैंचाइज़ी बोली को मैच कर सकती है जिसके बाद दोनों फ्रैंचाइज़ी को बीसीसीआई के पास लिखित में अंतिम बोली देनी होती है। यह राशि फ्रैंचाइज़ी को बीसीसीआई को देनी पड़ती है।
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