क्या है डॉक्सिंग?
किसी शख्स की निजी जानकारियों को उसकी सहमति के बिना ऑनलाइन शेयर कर देना डॉक्सिंग कहलाता है। इसके तहत डॉक्सर्स फोन नंबर, पता या पीड़ित की ऐसी जानकारी शेयर कर देते हैं जिससे उसकी पहचान हो सके। इसके चलते पीड़ित को उत्पीड़न/स्टॉकिंग का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्सर्स आईपी ऐड्रेस और सोशल मीडिया प्रोफाइल के ज़रिए जानकारी जुटाते हैं।
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