गणेशजी को क्यों प्रिय है मोदक?
मुद्गल पुराण में गणेशजी को 'मोदकप्रिय' कहा गया है। मोदक का बाहरी हिस्सा सादगी और कठोरता का प्रतीक है, जबकि अंदर की मिठास आत्मिक ज्ञान और आनंद का। यह भोग ज्ञान, अनुशासन और जीवन में मिठास का संदेश देता है। गणपति अथर्वशीर्ष में कहा गया है कि मोदक स्वयं ज्ञान, मधुर, पौष्टिक और मुक्ति का प्रतीक है।
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