जो ध्यान सिखा रहा हो वह शराब-ड्रग्स की बात कैसे कहेगा: ओशो के आश्रमों की छवि को लेकर उनके भाई
ओशो रजनीश के आश्रमों में ड्रग्स, शराब आदि के इस्तेमाल को लेकर उनके पांचवें भाई स्वामी शैलेंद्र सरस्वती ने एक पॉडकास्ट में कहा है कि ओशो सभी तरह के नशे के खिलाफ थे। उन्होंने कहा, "वह कहते थे ध्यान करो, ध्यान मतलब अवेयरनेस...शराब तो बेहोशी में ले जाती है....जो व्यक्ति ध्यान सिखा रहा हो वह शराब-ड्रग्स की बात कैसे कहेगा।"
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