मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, कई भारतीय ब्रोकर्स अमेरिकी ब्रोकर्स से जुड़े हैं जिससे भारतीय निवेशक सीधे अमेरिकी कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं। भारतीय निवेशक इनडायरेक्ट और डायरेक्ट इनवेस्टमेंट के ज़रिए निवेश कर सकते हैं। इनडायरेक्ट इनवेस्टमेंट में म्यूचुअल फंड या ईटीएफ के ज़रिए पैसा लगाते हैं जो आगे चलकर अमेरिकी शेयरों में निवेश करते हैं।