मुंबई बम ब्लास्ट केस-1993 में नाम आने पर जेल गए संजय दत्त से 1994 में रक्षाबंधन पर उनकी बहनें प्रिया और नम्रता मिलने पहुंची थीं। 'मिस्टर ऐंड मिसेज़ दत्त-मेमोरीज़ ऑफ आर पैरेंट्स' के मुताबिक, राखी बंधवाने के बाद संजय ने जेल में मज़दूरी कर कमाए ₹2 का कूपन उन्हें देकर कहा, "मेरे पास...बस यही है।" गिफ्ट देखकर तीनों रो पड़े।