तीन तलाक जैसा नहीं है 'तलाक-ए-हसन', मुस्लिम महिलाओं के पास 'खुला' का है विकल्प: एससी
सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि मुस्लिमों में 'तलाक-ए-हसन' के ज़रिए तलाक देने की प्रथा तीन तलाक की तरह नहीं है और महिलाओं के पास भी 'खुला' (तलाक देने की प्रक्रिया) का विकल्प है। इस्लाम में 'तलाक-ए-हसन' के तहत पुरुष 3-महीने (हर महीने एक-एक बार) 'तलाक' बोलकर अपनी पत्नी से अलग हो सकता है।
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