देश में पहली बार 'इच्छामृत्यु' पाने वाले हरीश राणा की आंखें दूसरे व्यक्ति को लगाई गईं
भारत में पहली बार 'इच्छामृत्यु' की कानूनी मंज़ूरी पाने वाले हरीश राणा के निधन के महीनों बाद उनकी आंखें दूसरे व्यक्ति को लगा दी गई हैं। हरीश के माता-पिता ने उस व्यक्ति से मिलने की इच्छा जताई है। पिता ने कहा, "वह (हरीश) हमारे लिए अब भी ज़िंदा है...उसकी आंखें दूसरे व्यक्ति के ज़रिए अब भी दुनिया देख रही हैं।"
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