मैटरनिटी लीव मौलिक अधिकार है, काम से ब्रेक लेना नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा कि मैटरनिटी लीव महिला का मौलिक अधिकार है और इसे सेवा में ब्रेक नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने बॉन्ड अवधि पूरी न करने के आरोप में राज्य सरकार द्वारा एक महिला डेंटिस्ट पर लगाया गया ₹23.6-लाख का जुर्माना रद्द कर दिया। डॉक्टर ने मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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