म्यूचुअल फंड के डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में क्या है अंतर?
डायरेक्ट म्यूचुअल फंड सीधे एसेट मैनेजमेंट कंपनी से खरीदे जाते हैं जिससे एक्सपेंस रेशियो कम रहता है। रेगुलर म्यूचुअल फंड में डिस्ट्रीब्यूटर या ब्रोकर की फीस जुड़ने से इनका एक्सपेंस रेशियो 1%-2.5% तक जा सकता है। डायरेक्ट प्लान में निवेशक को खुद रिसर्च और मैनेजमेंट करना होता है जबकि रेगुलर प्लान में ब्रोकर/एडवाइज़र से सलाह और सुविधा ले सकते हैं।
read more at Financial Express


