एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने दावा किया है कि दो महीने तक कैश से भुगतान करने पर उसके फिजूल खर्च कम हुए और छोटी-छोटी खरीदारी पर भी बेहतर नियंत्रण बना। अब वह 80% पैसा नकद और 20% बैंक खाते में रखती है और यूपीआई का इस्तेमाल अंतिम विकल्प के तौर पर करती है जिससे बजट पर नियंत्रण बना रहता है।