रेलवे टिकटों के किनारे पर छोटे-छोटे छेद क्यों बने होते थे?
रेलवे टिकटों के किनारों पर बने छोटे-छोटे छेद मशीनों की सुविधा के लिए होते थे। ये टिकट डॉट-मैट्रिक्स प्रिंटर से लंबे कागज़ी रोल पर छपते थे और छेदों में मशीन के स्प्रॉकेट व्हील्स फंसकर कागज़ को सही गति और दिशा में आगे बढ़ाते थे। इससे टिकट की प्रिंटिंग, नंबरिंग व कटिंग सटीक होती थी और प्रिंटिंग स्पीड तेज़ रहती थी।
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