वैज्ञानिकों ने मिश्रित प्लास्टिक कचरे को बिना महंगी छंटाई के उच्च-शुद्धता वाले हाइड्रोजन ईंधन में बदलने की नई तकनीक विकसित की है। 'अल्कलाइन थर्मल ट्रीटमेंट' नामक इस प्रक्रिया में सोडियम हाइड्रॉक्साइड और गर्मी से हाइड्रोजन निकाली जाती है जबकि कार्बन ठोस रूप में कैद रहता है। इससे उत्सर्जन घटेगा, रीसाइक्लिंग बढ़ेगी और स्वच्छ हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।