महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर द्वारा टाटा ट्रस्ट्स की शनिवार की बोर्ड बैठक टालने के आदेश को ट्रस्ट्स ने 'एकतरफा' बताते हुए कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। वकील कात्यायनी अग्रवाल और बोर्ड सदस्य वेणु श्रीनिवासन की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बोर्ड में एक-चौथाई से ज्यादा स्थायी सदस्य होने से नियमों का उल्लंघन हुआ।