मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि नाबालिग का हाथ पकड़ना या उसे देखकर सीटी बजाना यौन उत्पीड़न नहीं माना जा सकता, इसे ज़्यादा-से-ज़्यादा उत्पीड़न कहा जा सकता है। पॉक्सो ऐक्ट के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को ज़मानत देते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की। मामले में आरोपी ने नाबालिग लड़की को देखकर अपनी बालकनी से सीटी बजाई थी।