क्रेडिट-स्कोर सिर्फ समय पर EMI चुकाने पर निर्भर नहीं करता है। हर महीने उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का ज़्यादातर हिस्सा इस्तेमाल करने से भी स्कोर गिर सकता है। कम समय में कई बैंकों/लेंडर्स के पास लोन के लिए अप्लाई करना भी स्कोर घटा सकता है जबकि कई साल पुराने क्रेडिट-कार्ड को बंद करने से भी क्रेडिट-स्कोर पर असर पड़ सकता है।