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पीएम2.5 ऐसे प्रदूषणकारी तत्वों को दर्शाते हैं जिनका आकार 2.5 माइक्रोमीटर से भी कम होता है। ठोस प्रदूषक तत्वों और तरल पदार्थों के मिश्रण से बने ऐसे कण व्यक्ति के फेफड़ों और रक्त प्रवाह तक पहुंच सकते हैं और सांस संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। फिलहाल, दिल्ली का पीएम2.5 स्तर डब्ल्यूएचओ के मानक से 20 गुना अधिक है।
short by आशुतोष त्रिपाठी / 10:37 am on 11 Nov
ब्रिटेन स्थित शोधकर्ताओं को प्रशांत महासागर में करीब 11 किलोमीटर गहराई पर मिलने वाले जीव-जंतुओं के पेट में प्लास्टिक फाइबर मिले हैं। शोधकर्ताओं ने समुद्र में सर्वाधिक गहराई वाले ज्ञात स्थान चैलेंजर डीप (मारियाना गर्त) समेत गर्तों में मिलने वाले जीवों के सैंपल का अध्ययन किया था। 1950 से अब तक 8.3 अरब टन प्लास्टिक के उत्पादन का अनुमान है।
short by जय शंकर / 10:53 am on 17 Nov
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने मानव शरीर में एक नए अंग 'इंटरस्टिसम' (interstitium) की खोज का दावा किया है जो त्वचा के ठीक नीचे, नसों, धमनियों, मांसपेशियों के बीच ऊतकों, पाचन तंत्र और मूत्र प्रणाली के आसपास हो सकता है। पहले हुए अध्ययनों में इसे एक कनेक्टिव ऊतक बताया गया था। यह मानव शरीर के सबसे बड़े अंगों में से एक है।
short by शुभम गुप्ता / 05:27 pm on 28 Mar
'कौन बनेगा करोड़पति 9' में ₹7 करोड़ का जैकपॉट प्रश्न नोबेल पुरस्कार से जुड़ा था। प्रतिभागी अनामिका मजूमदार से पूछा गया था कि 4 विकल्पों में से कौन सी अभिभावक-बच्चे की जोड़ी नोबेल पुरस्कार विजेता नहीं है। इस सीज़न में ₹1 करोड़ जीतने वाली पहली प्रतिभागी अनामिका ने सही उत्तर (विकल्प डी) ना पता होने पर खेल छोड़ दिया था।
short by शैफाली जैन / 07:48 pm on 04 Oct
इटली के एस्ट्रोनॉट पाओलो नेसपोली ने दिवाली की रात अंतरिक्ष से ली गई भारत की तस्वीर ट्वीट करते हुए दिवाली की शुभकामनाएं दी हैं। 60 वर्षीय नेसपोली ने ट्वीट किया, " आज हिंदुओं का प्रकाश पर्व दिवाली है। सभी को दिवाली की शुभकामनाएं।" गौरतलब है कि नेसपोली इस समय यूरोपियन स्पेस एजेंसी की तरफ से स्पेस मिशन पर हैं।
short by सुधीर झा / 12:26 pm on 22 Oct
एक टॉक शो के दौरान स्पेसX सीईओ एलन मस्क के व्हिस्की व गांजे का सेवन करने के बारे में पता चलने के बाद नासा द्वारा कंपनी की सुरक्षा समीक्षा किए जाने की रिपोर्ट है। नासा के प्रशासक जिम ब्राइडेन्सटाइन का कहना है कि अमेरिकी लोगों को यह दिखाने की ज़रूरत है कि रॉकेट में जाने वाला अंतरिक्षयात्री सुरक्षित रहेगा।
short by अंकित रॉय / 01:27 pm on 21 Nov
कनाडा का एक वीडियो सामने आया है जिसमें तेज़ बहती हवाओं के चलते जंगल की सतह 'सांस लेती दिख' रही है जबकि इस क्षेत्र में काफी पेड़ हैं। शोधकर्ताओं का दावा है कि ऐसी घटनाएं तब होती हैं जब ज़मीन में पानी की मात्रा अधिक होती है जिसके कारण मिट्टी और पेड़ों की जड़ों का जुड़ाव कमज़ोर हो जाता है।
short by शुभम गुप्ता / 06:31 pm on 28 Oct
यूरोपीय और जापानी स्पेस एजेंसी द्वारा बुध ग्रह के लिए लॉन्च हुए 7 वर्षीय मिशन के तहत 'बेपीकोलंबो' स्पेसक्राफ्ट ने अंतरिक्ष से पहली सेल्फी भेजी है जिसमें उसके सोलर पैनल और सन सेंसर दिख रहे हैं। गौरतलब है, 1973 और 2004 के मिशन के बाद बुध के लिए यह तीसरा मिशन है जो 2025 में बुध की कक्षा में पहुंचेगा।
short by शुभम गुप्ता / 07:43 pm on 23 Oct
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने चूहों पर अध्ययन कर दावा किया है कि मच्छर से होने वाला ज़ीका वायरस 'ग्लायोब्लास्टोमा' (सामान्यतया होने वाला दिमागी कैंसर) के लिए ज़िम्मेदार कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है। बतौर अध्ययन, यह वायरस शरीर में कैंसर स्टेम सेल्स (कोशिकाएं) को निशाना बनाता है। इस अध्ययन का प्रयोग मानव पर 18 महीने के अंदर हो सकता है।
short by शुभम गुप्ता / 06:40 pm on 07 Sep
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि 224-383 ई. में बख्शाली पांडुलिपि में लिखी गई प्राचीन भारतीय पाठ्यसामग्री शून्य के अस्तित्व का सबसे पुराना साक्ष्य है। वैज्ञानिकों का कहना है कि दस्तावेज़ में शून्य को अंक के बजाय एक डॉट सिंबल के तौर पर दर्शाया गया है जिसने बाद में अपना मौजूदा रूप हासिल कर लिया।
short by आशुतोष त्रिपाठी / 10:07 pm on 14 Sep
अमेरिकी खगोलशास्त्री नील दीग्रास टायसन ने कहा है कि अंतरिक्ष अन्वेषण (स्पेस एक्सप्लोरेशन) दुनिया में शांति लाने में मदद कर सकता है क्योंकि इससे संसाधनों के लिए हो रहे युद्ध खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "अगले 60 वर्षों में सौरमंडल हमारा बैकयार्ड बन सकता है...अगर ऐसा हुआ तो हम पृथ्वी पर दुर्लभ संसाधनों का अंतरिक्ष से दोहन कर सकते हैं।"
short by शुभम गुप्ता / 10:24 pm on 21 Oct
अमेरिकी वैज्ञानिकों को एक वानर प्रजाति के दांत का 1.25 करोड़ साल पुराना जीवाश्म मिला है जिसके मुताबिक यह दुनिया में अब तक की सबसे छोटी वानर प्रजाति हो सकती है। विलुप्त हो चुकी इस 'सिमिलस मिन्यूटस' प्रजाति के वानरों का वज़न सिर्फ 3.6 किलोग्राम था। बतौर वैज्ञानिक, जीवाश्म से पता चला है कि ये बंदर पत्तियां खाते थे।
short by श्वेता वत्स / 08:30 am on 09 Nov
इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में मिले छेद को लेकर नासा के अधिकारी जिम ब्रिडेन्स्टाइन ने कहा है कि बिना किसी साज़िश और अफवाह के इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "मुझे भरोसा है कि हम आईएसएस में मिले छेद का कारण पता लगाने में सफल रहेंगे।" रूसी स्पेस एजेंसी के मुताबिक, यह जानबूझकर किया गया हमला हो सकता है।
short by श्वेता वत्स / 03:58 pm on 11 Oct
लॉन्च के करीब 7 महीने के बाद 45.8 करोड़ किलोमीटर की यात्रा कर मंगल ग्रह पर पहुंचे नासा के अंतरिक्षयान इनसाइट ने पहली तस्वीर साझा की है जिसमें एलीसियम प्लैनीशिया नाम का क्षेत्र दिखाई दे रहा है। 360 किलोग्राम वज़नी अंतरिक्षयान इस क्षेत्र में 5 मीटर तक खुदाई करेगा और भूकंपीय गतिविधियों व अंदरूनी सतह का अध्ययन करेगा।
short by अंकित रॉय / 12:46 pm on 27 Nov
साइंस अलर्ट जर्नल में छपे अध्ययन के मुताबिक, खगोलविदों ने ब्रह्मांड के सबसे पुराने तारों में से एक '2MASS J18082002-5104378 B' की पहचान की है जो 13.5 अरब वर्ष से ब्रह्मांड में मौजूद है। खगोलविदों ने बताया कि इस तारे का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का सिर्फ 10% है जिसके कारण इसकी अब तक मिल्की वे में पहचान नहीं हुई।
short by शुभम गुप्ता / 10:32 pm on 06 Nov
न्यू साइंटिस्ट मैगज़ीन के मुताबिक, रूसी-इज़रायली अरबपति यूरी मिलनर का 'ब्रेकथ्रू स्टारशॉट' फॉउंडेशन शनि ग्रह के 'एनसेलडस' चंद्रमा पर एलियन जीवन की खोज के लिए नासा के साथ मिलकर काम कर रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सौरमंडल (पृथ्वी) में पृथ्वी के अलावा सिर्फ बर्फीले चंद्रमा (-198°C) एनसेलडस पर जीवन के लिए आवश्यक सभी तत्व मौजूद हैं।
short by शुभम गुप्ता / 10:36 pm on 11 Nov
27 जुलाई को 21वीं शताब्दी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो 103 मिनट रहेगा और मुख्यत: भारत, अफ्रीका, पश्चिम एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में दिखेगा। पृथ्वी की छाया के मध्य से चंद्रमा के सीधे गुज़रने के कारण अवधि इतनी लंबी होगी। इस दौरान सूर्य से अधिकतम दूरी पर होने के कारण पृथ्वी की छाया का आकार बड़ा होगा।
short by श्वेता वत्स / 10:52 pm on 17 May
चीन ने 'कृत्रिम सूर्य' बनाया है जो सूर्य के कोर से लगभग 6 गुना अधिक तापमान (10 करोड़ डिग्री सेल्सियस) उत्पन्न करने में सक्षम है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य सूर्य पर होने वाली प्रक्रियाओं की तरह हाइड्रोज़न का इस्तेमाल कर कम लागत में हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) बनाना है। इससे पहले चीन 'कृत्रिम चंद्रमा' भी विकसित कर चुका है।
short by श्वेता वत्स / 08:00 am on 17 Nov
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका) के वैज्ञानिकों ने रक्त में पाए जाने वाले डीएनए फ्रैगमेन्ट्स के आधार पर बताया है कि मानव शरीर में मौजूद 99% रोगाणुओं (माइक्रोब्स) के बारे में विज्ञान को कोई जानकारी नहीं है। शोधकर्ता स्टीफेन क्वेक ने बताया कि अध्ययन में उन्हें जो जानकारियां मिली हैं, उनमें से कई जानकारियां अलग और बिलकुल नई हैं।
short by शुभम गुप्ता / 09:58 pm on 07 Sep
ब्रिटिश वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने मृत्यु से पहले अपनी किताब में लिखा था, "ईश्वर और जन्नत नाम की कोई चीज़ नहीं है...ब्रह्मांड को कोई भी संचालित नहीं कर रहा है।" उन्होंने भविष्य के बारे में बताते हुए कहा, "हां भी और नहीं भी...सिद्धांत हमें भविष्य का अनुमान लगाने की अनुमति देते हैं लेकिन व्यावहारिक रूप से यह बहुत कठिन है।"
short by शुभम गुप्ता / 09:36 pm on 16 Oct
अमेरिका स्थित एसईटीआई इंस्टीट्यूट के खगोलविदों ने स्पेस मिशन न्यू होराइज़न के डेटा का अध्ययन कर बताया है कि प्लूटो की सतह पर करीब चार अरब वर्ष पहले बड़ी मात्रा में नाइट्रोजन की जमी हुई परतें थीं। बतौर अध्ययन, प्लूटो के मौसम में बहुत तेज़ी से हुए परिवर्तन के कारण वहां मौजूद नाइट्रोजन की परतें गैस में बदल गईं।
short by शुभम गुप्ता / 05:20 pm on 14 Nov
दिसंबर में रूसी रॉकेट सोयुज़ से दो यात्रियों के साथ इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) जाने वाली अमेरिकी महिला अंतरिक्षयात्री ऐनी मैकक्लेन ने कहा है, "मैं रॉकेट से अंतरिक्ष जाने के लिए उत्सुक हूं...मुझे लगता है कि यह सब एक नया अनुभव होगा।" दरअसल, 11 अक्टूबर को सोयुज़ में खराबी आने पर उसमें मौजूद दो अंतरिक्षयात्रियों ने इमरजेंसी लैंडिंग की थी।
short by शुभम गुप्ता / 05:21 pm on 12 Nov
एक अध्ययन के मुताबिक, इंसानों द्वारा जैव विविधता और स्तनपायी प्रजातियों को पहुंचाई गई क्षति से उबरने में करीब 50 लाख वर्ष लगेंगे। बतौर शोधकर्ता, मनुष्यों के चलते स्तनपायी जीव बहुत तेज़ी से विलुप्त हो रहे हैं जबकि उनके विकास की दर काफी कम है। 50 वर्षों में काले गैंडे और एशियाई हाथी जैसी कई प्रजातियां विलुप्त हो सकती हैं।
short by श्वेता वत्स / 09:28 pm on 18 Oct
जापानी वैज्ञानिकों ने पहली बार CRISPR/Cas9 जीन एडिटिंग तकनीक की मदद से फूल का रंग बैंगनी से सफेद कर दिया। इसके लिए वैज्ञानिकों ने फूल के एक जीन में बदलाव किए और इसकी सफलता दर 75% रही। इस तकनीक में डीएनए के एक हिस्से के दो सिरों को काट दिया जाता है, जिसकी मदद से डीएनए में बदलाव होता है।
short by शुभम गुप्ता / 06:59 pm on 07 Sep
एमेज़ॉन के सीईओ जेफ बेज़ोस का दावा है कि एक दिन ऐसा आएगा जब अंतरिक्ष में एक खरब लोग रहेंगे। उन्हें उम्मीद है कि उनकी एरोस्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन दूसरे ग्रहों पर इंसानों को बसाने में मदद करेगी। हालांकि, उन्होंने माना कि इस मिशन में अभी काफी समय लगेगा और वह इसे देखने के लिए जीवित नहीं रहेंगे।
short by श्वेता वत्स / 04:04 pm on 17 Oct
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