क्यों हमारे दिमाग को होती है निराशा की अनुभूति?
डॉक्टर अरविंद भतेजा ने निराशा की अनुभूति होने का कारण बताया है। उन्होंने बताया, "दिमाग में लेटरल हैबेनुला स्ट्रक्चर होता है...यह न्यूरोट्रांसमिटर्स रिलीज़ करता है...जो डोपामीन (खुशी का एहसास कराने वाला हॉर्मोन) और सेरोटनिन लेवल गिराता है...ऐसा होने पर आप निराश होते हैं...इससे बचने के लिए रात 11 से सुबह 4 बजे के बीच...ब्राइट लाइट के संपर्क में ना आएं।"
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