क्या है सोलो एजिंग जिसका भारत के बुज़ुर्गों के बीच बढ़ रहा है चलन?
जीवनसाथी, बच्चों और रिश्तेदारों के बिना बुढ़ापा अकेले बिताने को सोलो एजिंग कहा जाता है। भारत में 10,000 बुज़ुर्गों पर हुई एक हालिया स्टडी में पता चला है कि उनमें सोलो एजिंग का चलन बढ़ रहा है जिनमें आर्थिक और सामाजिक आज़ादी को मुख्य कारण बताया गया है। स्टडी में शामिल 14.3% लोगों ने अकेले रहने की बात कही है।
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