सिर्फ 'मारो सा*** को' बोलने का मतलब हत्या की मंशा नहीं होता: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1983 में डीटीसी बस में मारपीट के दौरान 'मारो सा*** को' चिल्लाने वाले व्यक्ति को हत्या मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि 'मारो' शब्द का अर्थ केवल पीटना भी हो सकता है, इसे हत्या की मंशा नहीं माना जा सकता इसलिए केवल इस कथन के आधार पर हत्या की मंशा साबित नहीं होती।
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