कागज़ अगर एक बार मुड़ जाए तो फिर पहले जैसा क्यों नहीं हो पाता है?
कागज़ को मोड़ने पर उसमें शिकन पड़ जाता है और वो दोबारा अपने पुराने फॉर्म में नहीं लौट पाता। दरअसल, कागज़ वेजिटेबल फाइबर से बनता है जो खुरदुरे और भंगुर होते हैं और कागज़ को मोड़ने पर फाइबर की सिलवट की दरारें परमानेंट हो जाती हैं। कई बार गर्म इस्त्री से प्रेस करने के बावजूद यह सिलवट मिटती नहीं हैं।
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