बेंगलुरु के कपल ने 8000 किलो रद्दी कपड़ों से बनाई कई डॉल, हर माह बेचते हैं 3000 डॉल
बेंगलुरु के सुनीता और सुहास ने 8,000 किलोग्राम रद्दी कपड़ों से कई डॉल बनाई हैं। कपल हर महीने करीब 3,000 डॉल बेचता है और इसके ज़रिए कपल ने तमिलनाडु के नीलगिरी के आदिवासी समुदायों की 230 महिलाओं को सशक्त बनाया है। सुनीता ने बताया, "हमारी ज़्यादातर महिलाओं की मासिक आय ₹2,000 से बढ़कर ₹8,000-₹10,000 हो गई है।"
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