वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का नाम कैसे पड़ा जहां जलती हैं 24 घंटे चिताएं?
पौराणिक मान्यता के अनुसार, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर एक बार भगवान शिव और पार्वती स्नान कर रहे थे तब भगवान शिव के कानों की बाली से एक मणि कुएं में गिर गई थी इसलिए इसे 'मणिकर्णिका' कहा जाता है। मान्यता है कि मणि खो गई थी इसलिए इसे शापित माना जाता है और यहां 24 घंटे चिताएं जलती हैं।
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