मसूर दाल को नॉन वेज मानते हैं बंगाली
रिसर्चर और इंडियन कलिनरी एजेंडा की को-फाउंडर तनुश्री भौमिक ने बताया, "बंगाली डाइट गौड़ीय वैष्णववाद से प्रभावित है...जिसमें मसूर दाल को मांस के बराबर मानते हैं।" उन्होंने ग्रंथों के अनुसार बताया, "हैहय वंश के राजा सहस्रबाहु अर्जुन ने संत जमदग्नि से कामधेनु चुराई...जिसे घसीटकर ले जाते समय चोटिल हुई गाय का खून जहां-जहां गिरा वहां मसूर दाल का पौधा उगा।"
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