युवाओं को भड़काने वाले भाषणों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकवाद के मामले में अलकायदा के एक कथित सहयोगी की याचिका खारिज करते हुए कहा है कि निर्दोष युवाओं को देश के खिलाफ भड़काने वाले भाषणों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। बकौल आरोपी, उसे आतंकवादी कृत्य की तैयारी में संलिप्त होने और आतंकवादी कृत्य के लिए लोगों की भर्ती करने का दोषी ठहराया गया है।
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