ब्याज दर में कटौती हमेशा लंबी अवधि के बॉन्ड निवेशकों के लिए फायदेमंद क्यों नहीं होती?
रेपो रेट में कट का सबसे ज़्यादा असर शॉर्ट-टर्म यील्ड पर पड़ता है जबकि लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड (खासकर 10 साल की) मुख्य रूप से महंगाई, सरकारी उधारी, ग्लोबल फैक्टर्स और बाज़ार के सेंटिमेंट से तय होती है। कई बार रेपो रेट घटने के बावजूद लॉन्ग-टर्म यील्ड नहीं गिरती जिससे लॉन्ग-ड्यूरेशन बॉन्ड में निवेशकों को उम्मीद से कम रिटर्न मिलता है।
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