क्यों मौत के बाद चुरा लिया गया था आइंस्टीन का दिमाग?
मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की 18 अप्रैल 1955 को मौत के बाद उनका दिमाग चुरा लिया गया था। प्रिंस्टन के पैथोलॉजिस्ट थॉमस हार्वी ने ऑटोप्सी के दौरान बिना किसी की अनुमति के उनका दिमाग निकाल लिया था और उसकी तस्वीरें लेने के बाद उसे 240 टुकड़ों में काट दिया था। वह आइंस्टीन के दिमाग की स्टडी करना चाहते थे।
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