जब गौरी को सूटकेस में ठूंसा गया तब वह ज़िंदा थी: बेंगलुरु हत्याकांड पर फॉरेंसिक विशेषज्ञ
फॉरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि बेंगलुरु में राकेश खेडेकर ने पत्नी गौरी सांबरेकर को जब सूटकेस में ठूंसा तब वह ज़िंदा थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, सूटकेस में म्यूकस के निशान मिले जो बताते हैं कि वह मरी नहीं थी। पुलिस जांच में सामने आया कि सूटकेस का हैंडल टूट जाने के कारण वह उसे बाहर नहीं ले जा सका।
read more at हिन्दुस्तान


