मुर्दे को तो बोलना ही पड़ेगा: खुदकुशी से पहले राष्ट्रपति मुर्मु को लिखे पत्र में अतुल सुभाष
इंजीनियर अतुल सुभाष ने खुदकुशी करने से पहले न्याय प्रणाली की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भी पत्र लिखा था। उन्होंने लिखा था, "आज जिंदा लोगों के लिए कोर्ट के खिलाफ बोलना असंभव है लेकिन एक मुर्दे को तो बोलना ही पड़ेगा। आज भारतीय न्यायपालिका ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं।"
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