देर रात तक मोबाइल देखने वालों को हो सकती है डिप्रेशन और स्ट्रेस की समस्या
सायकोलॉजिकल डॉक्टर जीडी कूलवाल ने बताया है कि देर रात तक मोबाइल फोन देखने के कारण लोगों को डिप्रेशन, स्ट्रेस और स्लीपिंग डिसऑर्डर हो रहा है। जेएएमए नेटवर्क जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, रात तक मोबाइल देखकर सुबह देरी से उठने से शरीर के आंतरिक चक्र में व्यवधान होता है जिससे लोग डेली ऐक्टिविटीज़ संग तालमेल नहीं बैठा पाते।
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