क्या होते हैं शास्त्रीय भाषा के मानदंड?
केंद्रीय कैबिनेट ने मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने का फैसला लिया है। शास्त्रीय भाषा के मानदंडों के अनुसार, भाषा का 1,500-2,000 साल पुराना इतिहास होना चाहिए, भाषा का प्राचीन साहित्य/ग्रंथों का संग्रह होना चाहिए जिसे पीढ़ियों द्वारा मूल्यवान विरासत माना जाता हो और साहित्यिक परंपरा मौलिक होनी चाहिए।
read more at X


