चीन की 'पांडा डिप्लोमेसी' क्या है?
चीन द्वारा अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि और दूसरे देशों से संबंध सुधारने के लिए पांडा गिफ्ट करने को 'पांडा डिप्लोमेसी' कहते हैं। इसकी शुरुआत तांग राजवंश (618-907 ईस्वी) के समय हुई थी और 1949 के बाद से इसे और बढ़ावा मिला। पांडा की घटती संख्या को देखते हुए चीन ने 1984 से उन्हें तोहफे में देना बंद कर दिया।
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