जया किशोरी ने बताया, हम क्यों 'नाना का घर' न कहकर बोलते हैं 'नानी का घर'
कथावाचक जया किशोरी ने बताया है कि हम 'नाना का घर' न कहकर 'नानी का घर' इसलिए कहते हैं क्योंकि पारंपरिक परिवारों में सिर्फ महिलाओं की चलती है। उन्होंने कहा, "पहले महिलाएं बाहर के काम नहीं कर पाती थीं इसलिए पुरुषों ने कहा 'हम बाहर का काम करेंगे, तुम घर संभालो'...काम बांटते समय उन्हें अपने-अपने कामों का मालिक बनाया गया।"
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