Menu
Inshorts
For the best experience use inshorts app on your smartphone
inshortsinshorts

No-cost EMI के नाम पर चुपके से ग्राहकों से वसूली जाती है कितनी राशि?

short by गुंजन कुमार गोस्वामी / on Monday, 21 October, 2024
आर्थिक विशेषज्ञ नो-कॉस्ट ईएमआई को मार्केटिंग का फंडा बताते हैं। आमतौर पर नो-कॉस्ट ईएमआई में सामानों के मूलधन में ब्याज पहले से शामिल होता है। वहीं, ऋणदाता ग्राहकों से प्रोसेसिंग फीस, ब्याज पर 18% जीएसटी और ईएमआई चुकाने में देरी होने पर 30%-40% तक फाइन वसूलते हैं। आरबीआई ने भी कहा है कि नो-कॉस्ट ईएमआई जैसी कोई अवधारणा नहीं है।