पत्नी को मिलने वाली भरण-पोषण राशि पति के लिए बोझ नहीं बननी चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि एक शख्स अपनी पत्नी को गुज़ारा भत्ता देने के लिए नैतिक रूप से बाध्य है लेकिन उसपर इतना बोझ नहीं डाला जाना चाहिए कि शादी उसके लिए सज़ा बन जाए। कोर्ट ने एक विवाहिता को मिलने वाली भरण-पोषण राशि को ₹40,000/माह से ₹25,000/माह करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने 2018 में शादी की थी।
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