ऐसी संतान होना भाग्य की बात है: पिता को लिवर का हिस्सा दान करने जा रही नाबालिग पर एचसी
केरल हाईकोर्ट ने त्रिशूर की देवानंद नामक 17-वर्षीय लड़की को अपने बीमार पिता को लिवर का हिस्सा दान करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कहा कि किसी माता-पिता के पास देवानंद जैसी संतान होना भाग्य की बात है। गौरतलब है, मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण नियम-2014 के तहत मानव अंग दानकर्ता की उम्र 18-वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
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