रुद्रप्रयाग, जहां देवऋषि नारद ने भगवान रुद्र से संगीत की विद्या सीखी
गंगा अपने सफर में कई शहरों और पीढ़ियों को तारते हुए आगे बढ़ रही है। हम भी गंगा के मायके की यात्रा में चौथे पड़ाव पर रुद्रप्रयाग पहुंच गए हैं। जहां पर अलकनंदा नदी और मंदाकिनी का संगम होता है। रुद्रप्रयाग देवऋषि नारद की तपस्या के लिए मशहूर है, जो उन्होंने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए की थी।
read more at Times Now Navbharat


