कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए गौरैया का भेजा खाते थे पटियाला के महाराज भूपिंदर सिंह: किताब
इतिहासकार डोमिनिक लैपियर और लैरी कॉलिन्स की किताब 'फ्रीडम एट मिडनाइट' के मुताबिक, पटियाला के महाराज भूपिंदर सिंह एक वक्त पर पूरी तरह कामोत्तेजक औषधियों पर निर्भर हो गए थे। किताब के अनुसार, उनके डॉक्टर सोने-चांदी, लोहे से तरह-तरह की दवाएं तैयार करते थे और उन्हें महीन कटी हुई गाजर व गौरैया के भेजे से बनी औषधि दी जाती थी।
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