'घर की पूजा और मंदिर की पूजा में अंतर क्या है?' सवाल पर वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज का कहना है, "अंतर तो है।" उन्होंने कहा, "घर में आप 1,000 बार माला जपें, गौशाला में 100 बार माला जपें और देवालय में 1 बार माला जपें...ये तीनों बराबर हैं। वृंदावन धाम में 1-बार माला जपना 1 लाख के बराबर है।"